Tuesday, August 17, 2010

जब कभी..

ज़िन्दगी में जब कभी
खुशियों का मौसम आएगा
साथ न होने का तेरे
गम बहुत तड्पाएगा

तू किसी को न मिल
तो सब्र कर सकते हैं हम
गैर की वाहों पर
देखा तुझे न जाएगा

कितनी यादें है जुडी
उस एक चहरे से मेरी
आईने में भी मुझे
चेहरा नज़र वो आएगा

दिल से बढ़कर अब मेरी
रग रग में हैं तू बह रही
और भी मुश्किल तुझे
अब भूलना हो जाएगा

ज़िन्दगी में जब कभी...

5 comments:

  1. वाह वाह्……………बडी गहराई और सच्चाई से लिखते हैं।

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  2. wah... kya bat hai
    khubsurat rachana ke sath bahut
    hi sudar man-mugdha chitra..

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