दीवाली के दीप जलाओफिर सब मिलकर धूम मचाओ
ऐसी रौशन करो ये रात
जगमग हो जाए संसार
कोई पुरानी भूल शिकायत
नई खुशी से हाँथ मिलाओ
रहे साल भर यादें ताज़ा
ऐसे कुछ ये रात सजाओ
दीवाली के दीप जलाओ ..
मौसम की भीगी हवाओं ने हमसे
मोहब्बत की होटों पे सुर्खी चढ़ाके